GST टैक्स इनवॉइस कैसे बनाएँ
इनवॉइस मेकर दोनों राज्यों से CGST + SGST या IGST निकालता है, HSN के हिसाब से टैक्स समरी, शब्दों में रकम और UPI QR कोड जोड़ता है। यह लेख शुरू से आखिर तक एक इनवॉइस बनाकर दिखाता है।

स्टेप बाय स्टेप
- आपका बिज़नेस। पहली बार अपना बिज़नेस का नाम, पता, शहर / कस्बा, पिन कोड, राज्य और GSTIN लिखें; उसके बाद अपना सेव किया बिज़नेस चुनें (या डिफ़ॉल्ट के रूप में भरा मिलेगा)। लोगो, सिग्नेचर और बैंक डिटेल लोगो, सिग्नेचर और बैंक डिटेल के नीचे हैं।
- इनवॉइस की डिटेल। किस तरह का बिल: टैक्स इनवॉइस (GST रजिस्टर्ड और GST ले रहे हैं), बिल ऑफ़ सप्लाई (छूट वाला माल या कंपोज़िशन) या इनवॉइस (GST रजिस्टर्ड नहीं)। इनवॉइस नंबर और तारीख जाँचें; उधार देते हैं तो ड्यू डेट जोड़ें।
- बिल किसके नाम। ग्राहक का नाम लिखना शुरू करें और सेव किया ग्राहक चुनें, या नाम, पता, GSTIN (अगर रजिस्टर्ड है) और राज्य लिखें। माल कहीं और जाना हो तो माल दूसरे पते पर भेजना है टिक करें।
- प्लेस ऑफ़ सप्लाई। आम तौर पर खरीदार का राज्य। इसी से CGST + SGST (आपका ही राज्य) या IGST (दूसरा राज्य) तय होता है।
- आइटम। हर लाइन में: विवरण (भरने के लिए सेव किया आइटम चुनें), HSN/SAC, मात्रा, यूनिट, GST से पहले रेट (₹), डिस्काउंट % और GST %। और लाइनों के लिए आइटम जोड़ें, अतिरिक्त चार्ज के लिए चार्ज जोड़ें (भाड़ा, पैकिंग…) दबाएँ।
- प्रीव्यू जाँचें। कंप्यूटर पर यह फ़ॉर्म के बगल में है; फ़ोन पर देखें दबाएँ।
- सेव करें, फिर प्रिंट / PDF या शेयर करें। इनवॉइस आपके डेटा होम में सेव होता है और ऐप की बिक्री और बकाया में दिखता है।
उदाहरण से समझें
Sharma Hardware (पंजाब) Delhi Decor (दिल्ली, GSTIN 07AAHCD1357N1ZD) को बिल करता है: ₹120 पर 200 Mtr PVC पाइप, GST 18%।
| टैक्सेबल वैल्यू 200 × ₹120 | ₹24,000 |
| IGST 18% (दिल्ली दूसरा राज्य है) | ₹4,320 |
| टोटल | ₹28,320 |
अगर खरीदार पंजाब में होता, तो टैक्स CGST 9% ₹2,160 + SGST 9% ₹2,160 होता। शब्दों में रकम छपती है "Rupees Twenty Eight Thousand Three Hundred Twenty Only"।
नियम और तारीखें
टैक्स इनवॉइस में CGST Rules के Rule 46 की जानकारी होनी चाहिए (सप्लायर और खरीदार का GSTIN, सीरियल नंबर, तारीख, HSN, टैक्सेबल वैल्यू, टैक्स का रेट और रकम, प्लेस ऑफ़ सप्लाई, साइन)। बिना रजिस्ट्रेशन वाले खरीदार को ₹50,000 या ज़्यादा की बिक्री पर खरीदार का नाम, पता और राज्य छपना ज़रूरी है। 1 फ़रवरी 2026 से नई सप्लाई पर 28% GST रेट इस्तेमाल नहीं होता; मेकर की रेट लिस्ट बिल की तारीख के हिसाब से चलती है।
आम गलतियाँ और उन्हें कैसे ठीक करें
- गलत टैक्स (CGST + SGST की जगह IGST)। प्लेस ऑफ़ सप्लाई और ग्राहक का राज्य जाँचें।
- GST जोड़कर रेट लिखा। रेट GST से पहले का है; मेकर GST जोड़ता है।
- ग्राहक को मिलने के बाद पुराना इनवॉइस बदलना। इसकी जगह फ़र्क के लिए क्रेडिट नोट या डेबिट नोट बनाएँ।