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ई-इनवॉइस और ई-वे बिल: किसे ज़रूरी है
आपके इनवॉइस के साथ दो सरकारी सिस्टम जुड़े हैं। ई-इनवॉइस यानी आपका इनवॉइस जो सरकारी पोर्टल (IRP) पर रजिस्टर हो और जिसे IRN और साइन किया QR कोड मिले। ई-वे बिल यानी माल ले जाने का परमिट। यह इनवॉइस मेकर आपके इनवॉइस से हर पोर्टल की फ़ाइल फ्री में बना देता है, और पोर्टल के नंबर आपके बिल पर छाप देता है।
ई-इनवॉइस (IRN)
- किसे: उन बिज़नेस को जिनका कुल टर्नओवर 2017-18 के बाद किसी भी फ़ाइनेंशियल ईयर में ₹5 करोड़ से ऊपर गया हो, B2B इनवॉइस, एक्सपोर्ट और कुछ नोट के लिए। कुछ सेक्टर को छूट है (जैसे बैंक, इंश्योरेंस कंपनियाँ और SEZ यूनिट)।
- कैसे: इनवॉइस की डिटेल Invoice Registration Portal (IRP) पर भेजी जाती है। वहाँ से एक IRN (रेफ़रेंस नंबर) और एक साइन किया हुआ QR कोड मिलता है, जो इनवॉइस पर छपना ज़रूरी है।
- समय सीमा: जिन बिज़नेस का टर्नओवर ₹10 करोड़ या उससे ज़्यादा है, उन्हें इनवॉइस की तारीख से 30 दिन के अंदर उसे IRP पर रिपोर्ट करना होता है।
अगर आप पर ई-इनवॉइसिंग लागू है, तो यहाँ बना इनवॉइस तब तक सही ई-इनवॉइस नहीं है जब तक वह IRP पर रिपोर्ट न हो जाए। सरकारी पोर्टल या उससे जुड़ा सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करें।
ई-वे बिल
- कब: जब एक खेप में ₹50,000 से ज़्यादा का माल ले जाया जाए। कुछ राज्यों ने राज्य के अंदर माल ले जाने के लिए अलग लिमिट रखी है।
- कौन बनाता है: सप्लायर, खरीदार या ट्रांसपोर्टर, ई-वे बिल पोर्टल पर, माल चलने से पहले।
- क्या चाहिए: इनवॉइस नंबर और तारीख, GSTIN, HSN कोड, कीमत, और गाड़ी या ट्रांसपोर्टर की डिटेल।
- कुछ सामान पर ज़रूरी नहीं, जैसे कई बिना प्रोसेस किए खाने के सामान, और कुछ मामलों में बहुत कम दूरी तक माल ले जाना।
यहाँ फ़ाइल बनाएँ, स्टेप बाय स्टेप
- हमेशा की तरह इनवॉइस बनाएँ। ई-इनवॉइस के लिए टैक्स इनवॉइस चुनें (ई-वे बिल बिल ऑफ़ सप्लाई से भी बनता है)। अपने बिज़नेस और ग्राहक के लिए शहर / कस्बा और पिन कोड भरें, और हर आइटम का HSN या SAC कोड लिखें।
- आइटम के नीचे ई-इनवॉइस और ई-वे बिल खोलें और सप्लाई का प्रकार चुनें। ई-वे बिल के लिए ट्रांसपोर्ट की जानकारी (ई-वे बिल के लिए) में गाड़ी नंबर या ट्रांसपोर्टर ID लिखें। दूरी 0 रहने दें, पोर्टल पिन कोड से निकाल लेगा।
- ई-इनवॉइस फ़ाइल डाउनलोड करें या ई-वे बिल फ़ाइल डाउनलोड करें दबाएँ। कुछ कमी हो तो एक लिस्ट बताती है क्या ठीक करना है। नहीं तो एक .json फ़ाइल डाउनलोड में सेव हो जाती है। इसे खोलें नहीं, यह पोर्टल के लिए है।
- पोर्टल पर अपलोड करें। ई-इनवॉइस: einvoice1.gst.gov.in › e-Invoice › Bulk Upload। ई-वे बिल: ewaybillgst.gov.in › e-Waybill › Generate Bulk।
- पोर्टल का जवाब वापस लाएँ। पोर्टल से IRN और साइन किए QR कोड वाली फ़ाइल डाउनलोड करें और यहाँ पोर्टल की जवाब फ़ाइल लोड करें दबाएँ। नंबर हाथ से लिखने हों तो या पोर्टल से नंबर ख़ुद टाइप करें वाला हिस्सा खोलें।
- सेव करें दबाएँ, फिर प्रिंट / PDF। इनवॉइस पर अब IRN, Ack नंबर, ई-वे बिल नंबर और ई-इनवॉइस QR कोड छपता है।
पहले एक इनवॉइस से आज़माएँ। पोर्टल के फ़ॉर्मेट कभी-कभी बदलते हैं। पूरे दिन के बिलों से पहले एक इनवॉइस अपलोड करके देखें। पोर्टल कोई गलती बताए तो वह फ़ील्ड का नाम बताता है: यहाँ ठीक करें और फ़ाइल दोबारा डाउनलोड करें। आपका डेटा हम कहीं नहीं भेजते: फ़ाइल आपके ब्राउज़र में बनती है और आप अपने लॉगिन से खुद अपलोड करते हैं।
लिमिट और छूट नोटिफ़िकेशन से बदलती रहती हैं। अभी की स्थिति GST, IRP और ई-वे बिल पोर्टल पर या अपने अकाउंटेंट से जाँच लें।
पहले इनवॉइस बनाएँ। फिर जो फ़ाइल चाहिए वह डाउनलोड करें।इनवॉइस बनाएँ