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GST इनवॉइस नंबर के नियम
इनवॉइस नंबर छोटी बात लगती है, पर GST रिटर्न में हर इनवॉइस उसके नंबर से लिखा जाता है। दोहराया गया या टूटा हुआ नंबर टैक्स अधिकारी की नज़र में सबसे पहले आता है।
नियम
- क्रम से: नंबर एक के बाद एक, लगातार चलते हैं।
- ज़्यादा से ज़्यादा 16 अक्षर, जिनमें अक्षर, अंक और चिह्न सब गिने जाते हैं।
- कौन से अक्षर चलते हैं: अक्षर (A–Z), अंक (0–9), हाइफ़न (-) और स्लैश (/)। स्पेस या कोई दूसरा चिह्न नहीं।
- फ़ाइनेंशियल ईयर में एक ही बार: 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच एक ही नंबर दो बार नहीं आ सकता।
- एक या ज़्यादा सीरीज़: आप अलग-अलग सीरीज़ रख सकते हैं, जैसे हर ब्रांच की एक या एक्सपोर्ट की अलग, बशर्ते हर नंबर फिर भी अलग हो।
अच्छे फ़ॉर्मेट
| फ़ॉर्मेट | अक्षर | किसके लिए अच्छा |
|---|---|---|
| INV/26-27/001 | 13 | ज़्यादातर बिज़नेस: प्रीफ़िक्स, साल, सीरियल |
| LDH/26-27/0001 | 14 | आगे ब्रांच का कोड |
| EXP/26-27/01 | 12 | एक्सपोर्ट की अलग सीरीज़ |
| 2627-00125 | 10 | छोटा और आसान |
नंबर में साल (26-27) डालने से आप हर अप्रैल फिर से 001 से शुरू कर सकते हैं, और कोई नंबर कभी नहीं दोहराता।
इनसे बचें
- साल के बीच में फिर से 001 से शुरू करना।
- दो दुकानों या दो कंप्यूटरों पर बिना ब्रांच कोड के एक ही सीरीज़ चलाना: कभी न कभी दोनों "नंबर 57" बना देंगे।
- लंबे प्रीफ़िक्स, जैसे SHARMA-TRADERS/2026-27/001 (26 अक्षर, बहुत लंबा)।
- बिना वजह नंबर छोड़ना। अगर कोई बिल कैंसल हो, तो उसका नंबर दोबारा इस्तेमाल करने की जगह उसे "कैंसल" लिखकर रखें।
इनवॉइस मेकर कैसे मदद करता है
यह आपके सेव किए गए इनवॉइस गिनकर, हर बिज़नेस और फ़ाइनेंशियल ईयर के लिए INV/YY-YY/001 पैटर्न में अगला नंबर सुझाता है। आप अपना फ़ॉर्मेट भी लिख सकते हैं: यह लंबाई और अक्षर जाँचता है, और पहले से मौजूद नंबर सेव करने से पहले चेतावनी देता है।
क्रेडिट नोट, डेबिट नोट और डिलीवरी चालान की अपनी अलग सीरीज़ हो सकती है। ई-इनवॉइसिंग और खास मामलों में ज़रूरतें अलग हो सकती हैं, इसलिए अपना तरीका अपने अकाउंटेंट से पक्का कर लें।
अब कभी इनवॉइस नंबर नहीं दोहराएगा।इनवॉइस मेकर खोलें