इनवॉइस से ई-इनवॉइस और ई-वे बिल फ़ाइल
इनवॉइस के नीचे ई-इनवॉइस और ई-वे बिल वाला हिस्सा वे फ़ाइलें बनाता है जो सरकारी पोर्टल लेते हैं। आप इन्हें अपने लॉगिन से अपलोड करते हैं, फिर जवाब लोड करते हैं ताकि इनवॉइस पर IRN, Ack No. और साइन किया QR कोड छपे।
स्टेप बाय स्टेप
- शहर / कस्बा और पिन कोड भरें। अपने बिज़नेस और ग्राहक दोनों के लिए; पोर्टल को इनकी ज़रूरत है।
- ई-इनवॉइस और ई-वे बिल खोलें। सप्लाई का प्रकार (B2B, SEZ, एक्सपोर्ट, डीम्ड एक्सपोर्ट) और आपका टर्नओवर चुनें।
- ई-वे बिल के लिए। माल ले जाने की वजह, दूरी (किमी), ट्रांसपोर्ट का तरीका, गाड़ी नंबर, ट्रांसपोर्टर की जानकारी, LR नंबर। चाहें तो ई-इनवॉइस के साथ ई-वे बिल भी बनाएँ टिक करें।
- डाउनलोड करें। ई-इनवॉइस फ़ाइल डाउनलोड करें या ई-वे बिल फ़ाइल डाउनलोड करें। मेकर पहले GSTIN, पिन, HSN और रेट जाँचता है और जो ठीक करना है उसकी लिस्ट देता है।
- पोर्टल पर अपलोड करें। खुद ई-इनवॉइस पोर्टल (Bulk upload) या ई-वे बिल पोर्टल पर लॉगिन करें और फ़ाइल अपलोड करें।
- जवाब वापस लाएँ। पोर्टल की जवाब फ़ाइल लोड करें, या IRN, Ack नंबर, Ack तारीख, साइन किया QR कोड टेक्स्ट, ई-वे बिल नंबर और तारीखें लिखें, फिर ये नंबर लगाएँ। सेव करें और प्रिंट करें।
उदाहरण से समझें
हरियाणा के खरीदार को ₹1,18,000 का इनवॉइस INV/26-27/045, सड़क से 310 km, गाड़ी PB10AB1234। ई-वे बिल टिक करके ई-इनवॉइस फ़ाइल डाउनलोड करें, अपलोड करें, जवाब डाउनलोड करके लोड करें: अब इनवॉइस पर IRN, Ack No. और QR कोड छपता है, और 2 दिन (200 km रोज़) वाला ई-वे बिल नंबर।
नियम और तारीखें
ई-इनवॉइस तब ज़रूरी है जब 2017-18 के बाद किसी भी साल एग्रीगेट टर्नओवर ₹5 करोड़ से ऊपर गया हो (1 अगस्त 2023 से)। ₹10 करोड़ या ज़्यादा टर्नओवर वालों को इनवॉइस उसकी तारीख के 30 दिन में रिपोर्ट करना होता है (1 अप्रैल 2025 से)। गाड़ी से ₹50,000 से ज़्यादा का माल जाए तो ई-वे बिल चाहिए; वैधता हर 200 km पर 1 दिन (आम माल)।
आम गलतियाँ और उन्हें कैसे ठीक करें
- IRN के बाद इनवॉइस बदलना। IRN अब मेल नहीं खाता। 24 घंटे में पोर्टल पर कैंसिल करें और नया बनाएँ, या क्रेडिट/डेबिट नोट बनाएँ।