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होलसेल और ट्रेडर GST इनवॉइस फ़ॉर्मेट
ट्रेडर ज़्यादातर दूसरे रजिस्टर्ड बिज़नेस को बेचते हैं (B2B)। आपका खरीदार आपके इनवॉइस से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेता है, इसलिए हर डिटेल सही होनी चाहिए।
B2B इनवॉइस में क्या चाहिए
- खरीदार का GSTIN, नाम और बिलिंग पता। इनवॉइस मेकर में GSTIN लिखें: राज्य अपने-आप भर जाता है, और आखिरी अक्षर से टाइपिंग की गलती जाँची जाती है।
- प्लेस ऑफ़ सप्लाई: वह राज्य जहाँ माल की डिलीवरी होती है। दूसरा राज्य हो तो IGST।
- माल भेजने का पता, जब माल बिलिंग पते के अलावा कहीं और जाए।
- HSN कोड: कम से कम 4 अंक (अगर आपका टर्नओवर ₹5 करोड़ से ऊपर है तो 6)।
- सामान के लिए तीन कॉपी: ओरिजिनल (ग्राहक के लिए), डुप्लीकेट (ट्रांसपोर्टर के लिए), ट्रिप्लीकेट (सप्लायर के लिए)।
- खरीदार का ऑर्डर या PO नंबर "ऑर्डर / PO नंबर" वाले खाने में।
माल भेजना
₹50,000 से ज़्यादा की खेप के लिए आमतौर पर माल चलने से पहले ई-वे बिल ज़रूरी होता है। ट्रांसपोर्टर का नाम और गाड़ी नंबर नोट में लिखें, ताकि ये हर कॉपी पर दिखें।
उदाहरण
| विक्रेता | खरीदार | टैक्स |
|---|---|---|
| लुधियाना, पंजाब (03) | अंबाला, हरियाणा (06) | पूरे रेट पर IGST |
| लुधियाना, पंजाब (03) | अमृतसर, पंजाब (03) | CGST + SGST, आधा-आधा |
ट्रेडर के लिए काम की बातें
- हर ग्राहक को एक बार सेव करें: अगली बार नाम के कुछ अक्षर लिखें और चुन लें।
- पेमेंट की शर्तें (जैसे "30 दिन में पेमेंट") और आखिरी तारीख डालें, ताकि यह हर बिल पर दिखे।
- सेव किए गए इनवॉइस में बिलों को पेमेंट हो गया मार्क करें, ताकि दिखे कि किसका पैसा अभी बाकी है।
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