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दुकान के GST बिल फ़ॉर्मेट
दुकान के ज़्यादातर बिल ओह ग्राहक के जाला जे GST में रजिस्टर्ड नइखे (B2C)। ओह लोग खातिर नियम हल्का बा, बाकिर कुछ डिटेल तबो ज़रूरी बा।
दुकान के बिल में का चाहीं
- राउर दुकान के नाम, पता आ GSTIN, इनवॉइस नंबर आ तारीख।
- हर लाइन में आइटम के विवरण, मात्रा, रेट, डिस्काउंट आ GST रेट।
- ग्राहक के डिटेल खाली तब जब बिल ₹50,000 भा ओकरा से ज़्यादा के होखे (नाम, पता, डिलीवरी के पता, राज्य)। छोट बिल पर ग्राहक के नाम आ फ़ोन काम के बा, बाकिर ज़रूरी ना।
- अगर राउर टर्नओवर ₹5 करोड़ ले बा त B2C बिल पर HSN कोड ज़रूरी नइखे, बाकिर 4 अंक देखवला से GSTR-1 खातिर राउर रिकॉर्ड साफ़-सुथरा रहेला।
- प्लेस ऑफ़ सप्लाई: काउंटर पर बिक्री खातिर ई राउर आपन राज्य होला, एह से CGST + SGST।
उदाहरण लाइन
| आइटम | HSN | मात्रा | रेट | डिस्काउंट | GST |
|---|---|---|---|---|---|
| स्टील के पानी बोतल 1 L | 7323 | 2 Nos | ₹350.00 | 5% | उदाहरण 18% |
| कॉपी, 200 पन्ना | 4820 | 5 Nos | ₹60.00 | उदाहरण 18% |
रेट खाली फ़ॉर्मेट के उदाहरण बा। हर सामान के अबहीं के रेट जाँच लीं।
दुकानदार खातिर काम के बात
- राउंड ऑफ़ चालू करीं, ताकि कुल रकम पूरा रुपया में होखे।
- आपन UPI ID एक बेर जोड़ीं: हर बिल पर रकम वाला QR आ जाई, आ ग्राहक सेकंड में पेमेंट कर दीहें।
- ₹200 से कम के छोट बिक्री, जवना ग्राहक के बिल ना चाहीं, दिन भर के एगो जोड़ल (कंसॉलिडेटेड) इनवॉइस में डालल जा सकेला।
- अगर राउर ग्राहक के पसंद होखे त हिंदी भा पंजाबी लेबल चुनीं।
अबहीं दुकान के बिल बनाईं।इनवॉइस मेकर खोलीं